Computer Programming क्या है ? कितने प्रकार की होती है।

Computer Programming क्या है ? कितने प्रकार की होती है।

इस Article में हम  Computer Programming क्या है ? कितने प्रकार की होती है ? इसके बारे में पूरी तरह से जानेगे। आज के समय में Programming बहुत ही अधिक जरुरी हो चूका है। Internet और प्रत्येक Technology को Development करने के लिए Programming की आवश्यकता होती है। भारत में Programming को Study में भी शामिल कर दिया गया है। अगर आप Internet या Computer Science की Field से है। तो आपको Programming की Knowledge अवश्य होना चाहिए। इसलिए यहाँ पे हम  Computer Programming क्या है ? कितने प्रकार की होती है ? इसके बारे में पूरी तरह से जानकारी दे रहे है।

Computer Programming क्या है ?

जब हम किसी से बातचीत करते है, तो हम अपनी भाषा में दुसरे से बोलते है, वैसे ही Computer से बातचीत करने के लिए हमें Programming Language की आवश्यकता होती है।

Programming Language Computer की भाषा है, जिसके द्वारा हम Computer को Instruction (निर्देश) दे सकते है। Programming Language एक Set of Instruction होता है यानि Programming Language में वो सारे Instructions लिखे होते है, जो Computer में किसी Specific Task पे Perform करते है।

  1. Programming के द्वारा हम Machine से Communication कर सकते है।
  2. इसके द्वारा Computer में किसी Specific काम को करने का Program लिख सकते है।
  3. इससे Software, Application, Desktop Application, Web Application आदि develop किये जाते है।
  4. Programming Problem – Solving का काम करती है।

Program क्या है ?

Computer में किसी Specific Task पे Perform कराने के लिए लिखा गया Code (set of Instruction) को Program कहते है।

Program बहुत सारे Instructions का एक समूह होता है। जैसे की Photoshop, Mx Player, VLC Player, Whatsapp सभी Program है।

Programmer किसे कहते है ?

जो Program लिखता है, Computer के साथ Communication करता है। Programmer कहलाता है।

Types of Programming Language in Hindi (Programming Language के प्रकार )

Programming को उनकी क्षमता के आधार पर तीन भागो में विभाजित किया गया है। नीचे उनकी list दी गयी है।

  1. Low Level Language
  2. Middle Level Language
  3. High Level Language

1. Low Level Language

Low Level Programming Language में Computer को दिए जाने वाले सभी Instructions मौजूद होते है। ये Hardware के साथ बहुत ही Close होते है। ये बिना किसी Compiler और Interpreter के Run होते है। इसलिए ये बहुत ही Fast होती है। Low Level Programming दो प्रकार की होती है।

  1.  Machine Language
  2. Assembly Language

1. Machine Language

Machine Language सबसे पहली Programming Language है। इसे Binary Language के नाम से जाना जाता है। इस Language में सारा Code या Program 0 , 1 Format में होता है।

ये Language बिना किसी Compiler और Interpreter के Direct Execute होती है। जब High Level Language C, C++, Java आदि को लिखते है। वो पहले Machine Language 0, 1 में Convert होता है। उसके बाद Computer इसे समझता है। यानि Computer में Text, Video, Audio सब कुछ पहले इसी Language में Convert होता है, इसके बाद Computer इसे समझता है।

2. Assembly Language

Binary Language (Machine Language) को थोड़ा Assembly Language develop की गयी है। इसमें Symbol , Digits अक्षर, आदि का प्रयोग किया गया है ये Human Readable Language है।

2. Middle Level Language

Middle Level Programming Language Low level Programming Language और High level Programming Language के बीच की Language है। ये Low level और High Level दोनों में Use करने की क्षमता रखती है।  इसके द्वारा System Programming और Application programming दोनों कर सकते है। Middle Level Programming Language C, C++ आदि है।

3. High Level Language

High Level Language को Computer भाषा को अधिक सरल बनाने के लिए Develop किया गया है। इस Language में लिखे गए Syntax या Code English Language में होते है। इसलिए मानव इनको आसानी से समझ सकता है। लेकिन Computer इसे आसानी से नहीं समझ पाता है। इसलिए इसे High level Language कहा जाता है। Computer के लिए समझना काफी कठिन है। इसलिए इसे पहले Compiler और interpreter की मदद से Binary Language में Convert किया जाता है। तभी Computer इसे समझ पाता है। High Level Programming Language C++, Java , Javascript है।

 

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